मुंबई: सावन की शुरुआत से पहले घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। बुधवार को कारोबार की शुरुआत होते ही निवेशकों का उत्साह साफ नजर आया। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 657 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ 77,423 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई का निफ्टी 191 अंकों की छलांग लगाकर 24,176 पर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और मजबूत गिफ्ट निफ्टी ने बाजार को शुरुआती बढ़त दिलाई।
ग्लोबल संकेतों से बाजार को मिला सहारा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार एशियाई बाजारों में मजबूती और अमेरिकी शेयर बाजार के स्थिर प्रदर्शन ने भारतीय बाजार की शुरुआत को सकारात्मक बनाया। इससे पहले मंगलवार को घरेलू बाजार दबाव में बंद हुआ था, जहां सेंसेक्स 70 अंक टूटकर 76,765 और निफ्टी 11 अंक फिसलकर 23,985 पर बंद हुआ था।
एशियाई बाजारों में दिखी मजबूती
बुधवार को एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 1.95 प्रतिशत और कोस्डैक 1.5 प्रतिशत चढ़ा। जापान का निक्केई 225 भी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी हरे निशान में रहे। इन संकेतों का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
गिफ्ट निफ्टी ने दिए मजबूत संकेत
कारोबार शुरू होने से पहले गिफ्ट निफ्टी करीब 24,253 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर की तुलना में लगभग 154 अंकों के प्रीमियम पर था, जिससे पहले ही मजबूत शुरुआत के संकेत मिल गए थे।
वॉल स्ट्रीट का मिला-जुला रुख
अमेरिकी शेयर बाजार में मंगलवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 500 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि तकनीकी शेयरों में कमजोरी के कारण नैस्डैक लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। फ्यूचर्स बाजार में भी सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
कच्चे तेल में तीन फीसदी से ज्यादा उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 3 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 86.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 81.95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा। लगातार गिरावट के बाद तेल की कीमतों में यह मजबूत रिकवरी मानी जा रही है।
अमेरिका-ईरान तनाव पर बनी बाजार की नजर
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव पर भी निवेशकों की निगाह बनी हुई है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कथित हमले की कोशिश को विफल करने का दावा किया है। वहीं इराक में ईरान समर्थित समूहों की ओर से सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की घटनाओं ने ऊर्जा बाजार की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार
आज होने वाली अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक पर भी वैश्विक निवेशकों की नजर टिकी हुई है। बाजार को उम्मीद है कि ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बरकरार रखा जा सकता है। बैठक के बाद केंद्रीय बैंक की टिप्पणी आगे की बाजार दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
सोने की कीमतों में नरमी
फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। निवेशक फिलहाल ब्याज दरों और केंद्रीय बैंक के रुख का इंतजार कर रहे हैं।
